स्‍नाकोत्‍तर शिक्षण कार्यक्रम

स्नातकोत्तर शिक्षण कार्यक्रम (एम.एससी./ एम.टेक./ एम.वीएससी.):

भारत जैव प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने वाले दुनिया के पहले कुछ देशों में से एक होने पर गर्व कर सकता है। विभाग ने 1985-86 में स्नातकोत्तर शिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जिससे कि शिक्षण के उच्च स्तर को सुनिश्चित किया जा सके और देश में व्यासपक स्तयर पर प्रशिक्षित जनशक्ति का निर्माण किया जा सके। इन कार्यक्रमों की परिकल्पना, अंतर-विभागीय, अंतर-संस्थागत कार्यक्रम के रूप में की जाती है और संकाय विशेषज्ञता, अवसंरचनात्मक सुविधाओं, प्रतिस्पर्धी निधि के आधार पर अनुसंधान और विकास अनुदान, जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और विकास में लगे आस-पास के संस्थानों के क्षेत्र में प्रमुख सामर्थ्यन के आधार पर शुरू की जाती है। इन कार्यक्रमों ने एक उत्प्रेरक भूमिका निभाई है और अन्य संस्थानों को इन कार्यक्रमों को अपने दम पर शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। विशिष्ट प्रयोगशाला अवसंरचनात्मोक सुविधाएं, उपकरण, प्रयोग में आने वाली सामग्रियों के लिए आवर्ती अनुदान, छात्रों, पुस्तकों और पत्रिकाओं, यात्रा, विजिटिंग फैकल्टी, आकस्मिकता, शोध अनुदान आदि की स्थापना के लिए उदारता के साथ अनुदान प्रदान किए गए हैं। भारत एक विशाल देश है और प्रशिक्षित जनशक्ति की मांग को ध्यान में रखते हुए, इन कार्यक्रमों का विस्तार सामान्य जैव प्रौद्योगिकी के साथ-साथ चिकित्सा, कृषि, समुद्री, पशु चिकित्सा, औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी, जैवप्रौद्योगिकी प्रौद्योगिकी कम्प्यूटेशनल जीव विज्ञान, खाद्य विज्ञान, जैव सूचना विज्ञान और पोषण जीव विज्ञान जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत कुल 72 पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। देश में डीबीटी समर्थन के साथ जैव प्रौद्योगिकी में एम.एससी./ एम.टेक/एम.वीएससी शिक्षण कार्यक्रमों में डिग्री प्रदान करने वाले विश्वविद्यालयों/संस्थानों की स्थिति को मानचित्र में दर्शाया गया है।

छात्रों का चयन

अखिल भारतीय स्त र पर प्रतिनिधित्व प्रदान करने, एकरूपता बनाए रखने और प्रतिभाशाली छात्रों का चयन सुनिश्चित करने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा देश भर के 50 से अधिक केंद्रों में आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) के माध्यम से किया जाता है। अन्य विश्वविद्यालयों या आईआईटी द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा या संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाता है। चयन की प्रक्रिया बहुत कठिन है और सभी चयनित छात्रों को अध्येातावृत्ति का भुगतान किया जाता है।

पाठ्यक्रम

बायोटेक्नोयलॉजी विभाग द्वारा एकरूपता बनाए रखने और प्रतिभाशाली छात्रों का चयन सुनिश्चित करने के लिए एक परामर्श प्रक्रिया के माध्यरम से मॉड्ल पाठ्यक्रम विकसित किया है। इस पाठ्यक्रम की समीक्षा आवधिक आधार पर की जाती है ताकि इस क्षेत्र में होने वाले नवीनतम क्रियाकलापों को इस पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सके और सैद्धांतिक तथा व्या वहारिक प्रशिक्षण में आनेवाली विषमताओं को दूर किया जा सके। पाठ्यक्रम की सामग्री को आधुनिक प्रवृतियों के अनुरूप रखने के लिए 13 स्नाितकोत्त्र पाठ्यक्रमों के लिए मॉडल पाठ्यक्रम 2017-18 के दौरान विकसित किया गया है। मॉडल पाठ्यक्रम की जानकारी के लिए यह डीबीटी के वेबसाइट पर उपलब्धी है।
संपर्क: एम.एससी./ एम.टेक/एम.वीएससी के लिए मॉडल पाठ्यक्रम
आन्त्रिक शोध प्रकरण: डीबीटी द्वारा समर्थित शिक्षण कार्यक्रम (एम.एससी./ एम.टेक/एम.वीएससी) में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए छ: महिनें की अवधि का आन्त्रिक शोध प्रकरण पूरा करना अनिवार्य है।

कार्यक्रम की निगरानी

शिक्षण के समान मानक को सुनिश्चित करने के लिए, इन शिक्षण कार्यक्रमों की समय-समय पर आन्तारिक सलाहकार समितियों द्वारा समीक्षा की जाती है, जिसमें शिक्षण संस्थानों, डीबीटी-एचआरडी टास्क फोर्स और उद्योगों के बाहरी विशेषज्ञ शामिल होते हैं।

ऑनलाइन फीडबैक प्रणाली

फीडबैक प्रणाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम के कार्यान्वयन और प्रबंधन के लिए एक आवश्यक घटक है। बायोटेक्नोीलॉली विभाग ने शिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता के बारे में विश्वविद्यालयों में डीबीटी समर्थित शिक्षण कार्यक्रमों के तहत भर्ती स्नातकोत्तर छात्रों के फीडबैक को प्रभावी ढंग से प्राप्तय करने के लिए एक वेब आधारित डायनेमिक पोर्टल पीआरओएमपीटी (मैकेनिज्म ऑफ टीचिंग एंड प्रोटोकॉल ऑफ टीचिंग) विकसित किया है। सभी डीबीटी समर्थित विश्वविद्यालयों और सैद्धांतिक पाठ्यक्रमों, व्यावहारिक पाठ्यक्रमों, शोध प्रबंध, शैक्षणिक गतिविधियों और विभागीय/संस्थागत सुविधाओं के बारे में संस्थानों से छात्रों के सीखने के अनुभव के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में फीडबैक एकत्र किया जा रहा है। सभी डीबीटी समर्थित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के छात्रों से प्राप्त प्रतिक्रिया का विश्लेषण के तहत शिक्षण और सीखने की गुणवत्ता में और अधिक सुधार करने के लिए संचालित शिक्षण कार्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

अधिक जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी

कार्यक्रम प्रमुख डॉ मीनाक्षी मुंशी, सलाहकार
ईमेल meenakshi29[at]dbt[dot]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24361035
कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज सिंह रोहिला, वैज्ञानिक ई
ईमेल manojsrohilla[dot]dbt[at]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24363726

जेएनयू (JNU-CET) द्वारा आयोजित सामान्य प्रवेश परीक्षा के लिए संपर्क व्यक्ति:

समन्वयक (मूल्यांकन) शैक्षणिक निदेशक (प्रवेश)
पता प्रशासनिक भवन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली -110067
ईमेल director_admissions[at]mail[dot]jnu[dot]ac[dot]in
फ़ोन नंबर 011-26704054 / 26741236