अवर स्‍नातक विज्ञान के सुदृढीकरण हेतु स्‍टार कॉलेज योजना

स्टार कॉलेज योजना

प्रस्तावना

देश भर में विज्ञान शिक्षण में सुधार के लिए अवरस्नातक शिक्षा की पेशकश करने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का समर्थन करने के लिए 2008 में डीबीटी द्वारा स्टार कॉलेज योजना शुरू की गई है। डीबीटी i) उत्कृष्टता का लक्ष्य ii) शैक्षणिक और बौद्धिक स्वतंत्रता iii) रचनात्मकता और नवाचार iv) विविधता v) सहयोग और संचार तथा vi) जवाबदेही के मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध है । इसलिए, डीबीटी ने विज्ञान में अवरस्नातक (कॉलेज) स्तर पर अत्याधुनिक प्रायोगिक कार्य और महत्वपूर्ण सोच को बेहतर बनाने के लिए एक योजना शुरू की है। इससे विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए और अधिक छात्रों को प्रोत्साहित किए जाने की उम्मीद है। डीबीटी उत्कृष्टता के लिए महत्वाकांक्षा और क्षमता रखने वाले कॉलेजों की पहचान करेगा और शिक्षण में उत्कृष्टता प्राप्त करने और प्रयोगात्मक विज्ञान के लिए छात्रों के विशिष्ट परिचय के लिए शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढाँचा प्रदान करेगा। विभाग ने पिछले 9 वर्षों में देश भर के लगभग 200 अवरस्नातक कॉलेजों का समर्थन किया है। वित्तीय सहायता के अलावा, सलाहकार समिति की बैठकों, परामर्श, कार्य बल बैठकें और अन्य कॉलेजों में साथियों से सीखने में प्राप्त मार्गदर्शन से कॉलेजों को काफी फायदा हुआ है।

उद्देश्य:

• शिक्षण और प्रशिक्षण में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
• ग्रीष्मकालीन स्कूलों में प्रायोगिक कार्य और भागीदारी के लिए अत्याधुनिक परिचय के माध्यम से मूल सोच को प्रोत्साहित करने हेतु सीखने और शिक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता को बढ़ावा देना ।
• नेटवर्किंग को बढ़ावा देने और पड़ोसी संस्थानों और अन्य प्रयोगशालाओं के साथ संबंधों को मजबूत करना
• तकनीकी क्षमताओं के अनुकूलन के लिए संकाय सुधार हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना
• नए उपकरणों की खरीद और मौजूदा सुविधाओं को उन्नत करके कोर इंस्ट्रूमेंटेशन संसाधनों की क्षमताओं को बढ़ाना
• देश में अनुसंधान प्रयोगशालाओं और उद्योगों के लिए छात्रों को पहुंच और परिचय प्रदान करना
• प्रयोग हेतु मानक पाठ्यक्रम और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) / किट तैयार करने में मदद करना ।
• छात्रों और शिक्षकों को बेहतर पुस्तकालय सुविधा प्रदान करना।
Star College
स्टार कॉलेज योजना को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला, अवरस्नातक शिक्षा के लिए विज्ञान विभागों के समर्थन को मजबूत करना और दूसरा, स्टार कॉलेज का दर्जा देना। "स्टार कॉलेज" के रूप में चयन के लिए मानदंड बहुत कड़े हैं और स्टार कॉलेज के दर्जे वाले कॉलेजों के लिए बजट प्रावधान दोगुना है।
Star College
स्टार स्तर वाले महाविद्यालों की सूची

वृद्धि घटकों के तहत समर्थित महाविद्यालों की सूची

वर्तमान में, "ग्रामीण" से 20 महाविद्यालय और "शहरी" श्रेणी से 96 महाविद्यालय हैं जिन्हें स्टार महाविद्यालय स्कीम के तहत समर्थन दिया गया है।

कुछ सफलता गाथाएँ :

1. महाविद्यालय उन प्रयोग, जो उपकरणों या मंहगे रसायनों की अनुपलब्ध ता के कारण पहले निष्पाधदित नहीं किए जा सके के संदर्भ में व्यामवहारिक प्रशिक्षण की गुणवत्तां में काफी वृद्धि करने में सक्षम है, अभिव्यिक्ति को प्रयोगों में और प्रयोगों को परियोजनाओं में विस्तांर किया गया है। महाविद्यालय कंपाउंड माइक्रोस्कोप, पीएच मीटर, कलरमीटर, मैट लैब के लिए कंप्यूटर, हाथ से आयोजित एलसीआर मीटर जैसे बुनियादी उपकरणों की कई प्रतियों की खरीद करने में सक्षम हैं, जिससे छात्रों को व्यक्तिगत रूप से प्रयोग करने में सक्षम बनाया गया है। अनुकूलित अनुसंधान वातावरण ने छात्रों को नियमित क्लास रूम शिक्षण के साथ-साथ छोटी परियोजनाओं को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया है।
2. स्नातक शिक्षकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, विभाग ने आईआईएसईआर, पुणे को “भारतीय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्नातक विज्ञान शिक्षा में सुधार के लिए अनुसंधान आधारित शैक्षणिक उपकरण के संबंध में बहु-स्तरीय कार्यशाला” संचालित करने के लिए एक परियोजना को वित्त पोषित किया है। इस कार्यक्रम के तहत आयोजित बहु-स्तरीय कार्यशालाएँ पूरे भारत में लगभग 900 स्टार महाविद्यालों के शिक्षकों के प्रशिक्षण में मदद करेंगी। इन कार्यशालाओं को शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया जाएगा ताकि वे महत्वपूर्ण सोच और अनुसंधान कौशल को बढ़ाने के लिए कक्षाओं में अनुसंधान आधारित शैक्षणिक उपकरण (आरबीपीटी) का उपयोग कर सकें। इन कार्यशालाओं से शिक्षाशास्त्र में स्थानीय रूप से विकसित नवीन तरीकों को प्रसारित करने में मदद मिलेगी और देश भर में बड़ी संख्या में शिक्षकों तक पहुंचकर स्नातक विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संचालक होंगे। ऐसी प्रत्येक कार्यशाला के लिए 45 वर्ष से कम आयु के स्नातक विज्ञान शिक्षकों से जिनके पास से विज्ञान की किसी भी शाखा में स्नातकोत्तर डिग्री सहित 10 वर्ष के शिक्षण अनुभव या विज्ञान की किसी भी शाखा में पीएचडी सहित 5 साल के शिक्षण अनुभव और इस कार्यशाला में वे क्यों नामांकन कराना चाहते हैं, के प्रयोजन का विवरण हो, आवदेन आमंत्रित किए जाएंगे।संसाधन व्यक्तियों के लिए, ब्रिटिश काउंसिल यूके में विज्ञान शिक्षा से जुड़े संगठनों से इन कार्यशालाओं के संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित करेगी। इन कार्यशालाओं को ब्रिटिश काउंसिल के डीबीटी और न्यूटन भाभा फंड से फंडिंग के माध्यम से समर्थन प्राप्त होगा। हमने विभिन्न महाविद्यालों द्वारा लैब-मैनुअल और एसओपी के मूल्यांकन के लिए भाग लेने वाले महाविद्यालों नामतः श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय और रामनारायण रुइया कॉलेज, मुंबई, द्वारा विकसित ई-संसाधनों और एसओपी के माध्यम से कई शिक्षण सहायक और मैनुअल को लोकप्रिय बनाने के लिए एक तंत्र विकसित किया था। विभिन्न कॉलेजों के लैब-मैनुअल और एसओपी के मूल्यांकन के लिए। यह गतिविधि स्टार महविद्यालय योजना के तहत शुरू की गई और वित्तीय रूप से समर्थित है। यह बहुत मूल्यवान है क्योंकि यह सभी महाविद्यालों द्वारा व्यक्तिगत विषयों और प्रकाशन और डीबीटी वेबसाइट पर उपयोग के लिए एक समान प्रारूप में प्रोटोकॉल के संकलन में मदद करेगा।
Star College

अधिक जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी

कार्यक्रम प्रमुख डॉ मीनाक्षी मुंशी, सलाहकार
ईमेल meenakshi29[at]dbt[dot]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24361035
कार्यक्रम अधिकारी डॉ गरिमा गुप्ता वैज्ञानिक ई
ईमेल Garima[dot]g[at]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24369385