जैव प्रौद्योगिकी में कौशल विकास कार्यक्रम

विभाग जैव प्रौद्योगिकी के बहु-विषयक क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रम का समर्थन कर रहा है। कौशल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी के बहु-विषयक क्षेत्रों में जैव प्रौद्योगिकी के छात्रों को उपकरणों और तकनीकों के प्रशिक्षण पर उच्च गुणवत्ता वाले व्या-वहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे कि युवा जैव प्रौद्योगिकीविदों को उद्योगों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं, नैदानिक प्रयोगशालाओं में काम करने के लिए तैयार किया जा सके। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित संस्थानों में कुल 15 प्रमाणपत्र/डिप्लोमा पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं। विभाग ने हब और स्पोक मॉडल के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ भागीदारी में कौशल विज्ञान कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इस कार्यक्रम को (i) छात्रों के लिए कौशल प्रशिक्षण (ii) तकनीशियन प्रशिक्षण (iii) संकाय प्रशिक्षण और (iv) उद्यमिता प्रशिक्षण के तहत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 4 श्रेणियों में डिज़ाइन किया गया है।

अधिक जानकारी के लिए संबंधित अधिकारी

कार्यक्रम प्रमुख डॉ मीनाक्षी मुंशी, सलाहकार
ईमेल meenakshi29[at]dbt[dot]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24361035
कार्यक्रम संयोजक डॉ मनोज सिंह रोहिला, वैज्ञानिक ई
ईमेल manojsrohilla[dot]dbt[at]nic[dot]in
फ़ोन नंबर 011-24363726